नरसिंहपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर रह रहे नागरिकों को कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए 17 सितंबर से विशेष रजिस्ट्री अभियान शुरू होगा। स्वामित्व योजना के तहत चलने वाला यह अभियान 3 अक्टूबर तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।

गांवों में ही होगी पंजीयन की प्रक्रिया

अभियान में स्वामित्व अधिकार अभिलेख का निष्पादन और पंजीयन किया जाएगा। पात्र नागरिकों की रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

शिविरों की व्यवस्था संभालने के लिए संबंधित पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की मैदानी ड्यूटी लगाई गई है। जिले की नरसिंहपुर, तेंदूखेड़ा, गोटेगांव, करेली और सांईखेड़ा तहसीलों के गांव अभियान में शामिल हैं।

पहले चरण में 17 से 19 सितंबर तक शिविर

नरसिंहपुर तहसील में हीरापुर, अमोदा, रौंसरा, जरजोला, नकटुआ, भैंसा, पाला, खुरपा और कई अन्य ग्राम पंचायतों में 17, 18 और 19 सितंबर को शिविर लगाए जाएंगे। अलग-अलग गांवों के लिए नजदीकी ग्राम पंचायत को शिविर स्थल बनाया गया है।

तेंदूखेड़ा तहसील में पीपरपानी, रमपुरा, खमरिया, इमझिरा, ईश्वरपुर, मदनपुर, बंधी, डोभी और चांवरपाठा सहित निर्धारित गांवों के शिविर रखे गए हैं। कुछ स्थानों पर शिविर केवल एक या दो दिन होंगे, जबकि अधिकांश सूचीबद्ध केंद्रों पर तीनों दिन प्रक्रिया चलेगी।

गोटेगांव तहसील की सांकल, बुधगांव, देवरीकला, मोहस, अकोला, ठेमी, कापखेड़ा और अन्य सूचीबद्ध ग्राम पंचायतों में भी 17 से 19 सितंबर तक शिविर लगेंगे। करेली तहसील के गांवों के लिए बम्हनी, अमथनू, पलोहा छोटा, सरसला, रमपुरा, बरमान और अन्य पंचायतों को केंद्र बनाया गया है।

तय पंचायत केंद्र पर पहुंच सकेंगे ग्रामीण

अभियान की अवधि 3 अक्टूबर तक है और इसे तीन चरणों में पूरा किया जाना है। नागरिक अपने गांव के लिए निर्धारित ग्राम पंचायत शिविर में जाकर स्वामित्व अधिकार अभिलेख के निष्पादन और निःशुल्क पंजीयन की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।