परिवार की जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी पहचान बना रही हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं और आजीविका मिशन से जुड़ी पहल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखा रही हैं। इन्हीं अवसरों का लाभ लेकर महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ समाज की सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी नगर परिषद शाहपुर निवासी श्रीमती दुर्गा तायड़े की है, जिन्होंने आजीविका अम्बिका स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए हैं। दुर्गा दीदी ने समूह से जुड़ने के बाद अन्य महिलाओं को भी समूह की गतिविधियों से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई। आज वे खाद्यान्न वितरण दुकान का संचालन पूरी जिम्मेदारी और कुशलता के साथ कर रही हैं। दुर्गा दीदी समूह की अन्य दीदीयों के साथ खाद्यान्न वितरण दुकान में राशन वितरण, दुकान के रख-रखाव, रजिस्टर संधारण सहित अन्य आवश्यक कार्यों का व्यवस्थित रूप से संचालन करती है। इस जिम्मेदारी ने उनके भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया है। दुर्गा दीदी बताती हैं कि इस कार्य से उन्हें रोजगार के साथ ही लोगों की सेवा करने का अवसर भी मिला।

मध्यप्रदेशसफलता की कहानी
राशन दुकान का कुशल संचालन कर दुर्गा दीदी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी
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फटाफट डेस्क · 1 अक्टूबर 2026 · पूरी खबर 2 मिनट