मध्यप्रदेश सरकार की योजनाएं किसानों और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खंडवा जिले के ग्राम खुटफल निवासी भूपेंद्र, पिता श्री जालम सिंह के लिए "मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना" आर्थिक बदलाव का माध्यम बनी है। श्री भूपेंद्र बताते है कि पारंपरिक खेती से सीमित आमदनी और मौसम की अनिश्चितता के बीच परिवार की आजीविका चलाना चुनौतीपूर्ण था।
वे ऐसा व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, जिससे नियमित आमदनी प्राप्त हो सके, लेकिन पर्याप्त पूंजी का अभाव उनके सामने बड़ी बाधा थी। श्री भूपेंद्र ने बताया कि इसी दौरान गांव के पशु चिकित्सा केंद्र के माध्यम से "मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना" की जानकारी मिली। योजना की जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित आवेदन पशु चिकित्सा कार्यालय में जमा किया।
विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें योजना का लाभ मिला। योजना के अंतर्गत विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में भूपेंद्र ने उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली दो गर्भवती मुर्रा भैंसों का चयन किया। पशुओं के बीमा और परिवहन की सुविधा भी योजना के अंतर्गत मिलने से भूपेंद्र को शुरुआती खर्चों का अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ा।
भूपेंद्र ने पशुओं की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल, संतुलित आहार, स्वच्छता और उचित आवास की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। इसके परिणामस्वरूप दोनों भैंसों से अच्छा दुग्ध उत्पादन होने लगा। उन्होंने गांव और आसपास के स्थानीय बाजार में दूध की बिक्री शुरू की। इससे परिवार को नियमित आमदनी प्राप्त होने लगी और उनकी आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आया। भूपेंद्र बताते हैं कि डेयरी व्यवसाय ने उनकी आय का एक नियमित साधन तैयार किया है।
योजना से मिले सहयोग और विभागीय मार्गदर्शन ने उन्हें पशुपालन को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने का अवसर दिया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
"मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना" से लाभान्वित भूपेंद्र ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने ने कहा कि सरकार की ऐसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।