सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन साइंस पार्क, आलीराजपुर में कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान की अध्यक्षता में किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके चित्रों के विषय एवं भाव के बारे में जानकारी ली तथा उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया।
चित्रों में विद्यार्थियों ने उकेरे भारत के विविध स्वरूप
कैबिनेट मंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चित्रकला केवल रेखाओं और रंगों का मेल नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से मन की भावनाओं और विचारों को कागज पर उतारा जाता है।
विद्यार्थियों ने अपने चित्रों में भारत के अलग-अलग स्वरूपों, देश की विविधता और अपने सपनों को सुंदर ढंग से उकेरा है।उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे मानसिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है और जीवन में आगे बढ़ने तथा बेहतर जीवनयापन के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से पूरी तरह दूरी बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में सफलता या असफलता को लेकर निराश नहीं होना चाहिए। प्रतियोगिताएं हमें अपनी कमियों को समझने और आगे बेहतर प्रयास करने का अवसर देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज किया गया संघर्ष ही भविष्य को बेहतर और सुनहरा बनाने की दिशा में आधार तैयार करता है।
भविष्य की तैयारी अभी से करें विद्यार्थी। कलेक्टर श्रीमती माथुर ने कहा कि स्कूलों में तीन माह की परीक्षाएं भी सम्पन्न हो चुकी हैं। अब विद्यार्थियों को अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से तैयारी शुरू करनी चाहिए।
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी, सहित प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
