जिले के ग्राम पथरौला की नीलम गुप्ता ने स्वयं सहायता समूह से मिले वित्तीय सहयोग को व्यवसाय के अवसर में बदलकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। आज उनका कारोबार आगे बढ़ रहा है और वे लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
नीलम ने ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर स्वयं सहायता समूह का गठन किया। नियमित बैठकों और बचत के माध्यम से उन्होंने समूह की कार्यप्रणाली को समझा। समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग ने उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया।
प्रथम चरण में 70 हजार रुपये की सीसीएल सुविधा के माध्यम से ऋण लेकर उन्होंने मनिहारी, किराना एवं हार्डवेयर का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने व्यवसाय को मेहनत और लगन से आगे बढ़ाया तथा ऋण का समय पर भुगतान किया।
ऋण चुकाने के बाद नीलम ने मुद्रा योजना से 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस पूंजी का उपयोग उन्होंने अपने मौजूदा कारोबार को विस्तार देने में किया। अधिक सामग्री उपलब्ध कराने और व्यापार का दायरा बढ़ाने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई।
आज नीलम का आत्मविश्वास उनके व्यवसाय के साथ बढ़ा है। वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर रही हैं और स्वयं भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
नीलम बताती हैं कि शासन की योजनाओं, ग्रामीण आजीविका मिशन के मार्गदर्शन तथा परिवार के सहयोग और स्वयं की मेहनत ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।